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वाराणसी: किसानों को उर्वरक की उपलब्धता व फसल बीमा को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक, लापरवाही पर जताई नाराजगी

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वाराणसी: किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी व डाइवर्जन की रोकथाम के लिए मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त सहकारिता, जिला प्रबंधक पीसीएफ, प्रबंधक सहकारी बैंक, क्षेत्र प्रबंधक इफको, लीड बैंक मैनेजर एवं एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के जिला प्रबंधक समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

डीएपी की अनुपलब्धता पर नाराज हुए जिलाधिकारी

समीक्षा के दौरान जब जानकारी दी गई कि जनपद की 20 साधन सहकारी समितियों पर डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) उर्वरक उपलब्ध नहीं है, तो जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सहायक आयुक्त सहकारिता को निर्देश दिया कि सभी समितियों पर डीएपी की आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रीपोजिशनिंग स्टॉक से उर्वरक की आपूर्ति की जाए और सभी समितियों पर नियमित उपलब्धता बनी रहे।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि समितियों से समय पर चेक लेकर सहकारी बैंक को उपलब्ध कराया जाए और बैंक को भी निर्देशित किया गया कि चेक से प्राप्त धनराशि तत्काल पीसीएफ को स्थानांतरित करें ताकि उर्वरक की आपूर्ति में कोई बाधा न आए।

फसल बीमा में धीमी प्रगति पर जताई चिंता

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के जिला प्रबंधक ने बताया कि जिले में पात्र केसीसी धारक किसानों की संख्या 52,937 है, लेकिन अभी तक मात्र 2,777 किसानों का ही बीमा पंजीकरण हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने गहरा रोष व्यक्त किया और लीड बैंक मैनेजर को निर्देश दिया कि सभी बैंक शाखाएं 15 जुलाई 2025 तक सभी पात्र किसानों का विवरण किसान ऋण पोर्टल पर दर्ज कराएं और 31 जुलाई 2025 तक बीमा प्रक्रिया पूर्ण करें।

आपसी समन्वय से सुनिश्चित हो उर्वरक आपूर्ति

जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, पीसीएफ, इफको और सहकारी संस्थाओं के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर जनपद के सभी क्षेत्रों में समयबद्ध तरीके से उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

किसानों से अपील

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने जनपद के सभी किसानों से अपील की कि खरीफ 2025 के अंतर्गत फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 से पहले गैर-ऋणी किसान सहज जन सेवा केंद्र और ऋणी किसान अपने संबंधित बैंक शाखा से संपर्क कर अवश्य बीमा कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें क्षतिपूर्ति मिल सके।

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