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वाराणसी : मंदिरों से हटाई जा रही साईं बाबा की मूर्तियां, बड़ा गणेश सहित कई मंदिरों से हटाई गई मूर्तियां

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वाराणसी : शहर में शिव और गणेश मंदिरों से साईं की मूर्तियों को हटाया जा रहा है। काशी में सनातन रक्षक दल ने मंगलवार सुबह तक 14 मंदिरों से मूर्तियों को हटा दिया है और अब 100 और मंदिरों की सूची बनाई गई है।

इसी कड़ी में शहर के प्रमुख बड़ा गणेश मंदिर से साईं की मूर्ति हटा दी गई है। कई अन्य मंदिरों में साईं की मूर्तियों को सफेद कपड़े में लपेटा गया है। इस अभियान की शुरुआत शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने की थी, लेकिन अब इसे सनातन रक्षक दल द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है।

बड़ा गणेश मंदिर में 5 फीट की स्थापित थी प्रतिमा

सोमवार को, बड़ी संख्या में सनातन रक्षक दल के सदस्य लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर पहुंचे, जहां 5 फीट की साईं मूर्ति स्थापित थी। दल के सदस्यों ने इस मूर्ति को कपड़े में लपेटकर मंदिर परिसर से बाहर रखवाया। उनका कहना है कि जानकारी की कमी के कारण साईं की पूजा की जा रही थी, जबकि शास्त्रों के अनुसार, उनकी पूजा वर्जित है। जानकारी मिलने के बाद, उन्होंने स्वेच्छा से मूर्ति हटवा दी।

सनातन रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि काशी में केवल देवाधिदेव उमापति महादेव की पूजा होनी चाहिए। मंदिरों में जानकारी की कमी के चलते साईं की मूर्तियां स्थापित की गई थीं, जिससे भक्तों में नाराजगी है। उन्होंने महंतों और सेवयतों से अनुरोध किया कि साईं की मूर्तियों को सम्मानपूर्वक मंदिर परिसर से हटा दें।

बड़ा गणेश मंदिर के पुजारी राजेश तिवारी का कहना रहा कि इस मंदिर में एक साईं भक्त ने साईं बाबा की प्रतिमा स्थापित की थी। उस समय हमें नहीं जानकारी थी कि साईं बाबा की पूजा वर्जित है। इसके बाद जब हमारे शंकराचार्य ने इसका विरोध किया तब जाकर हमें इस बात की जानकारी हुई।

अब हम सभी ने सहसहमति से मंदिर से साईं बाबा की प्रतिमा को हटाकर उनको एक अन्यत्र स्थान पर विराजित करवाया है ताकि किसी भी सनातनी की भावना को ठेस ना पहुंचे। यहाँ पर स्थापित साईं बाबा के प्रतिमा को मंदिर के पीछे एक स्थान पर स्थापित किया गया है।

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