चंदौली: महिला और बाल सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे “ऑपरेशन आहट” के तहत आरपीएफ डीडीयू, सीआईबी और बचपन बचाओ आंदोलन की संयुक्त टीम ने चार नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है। वहीं बाल तस्करी और मजदूरी के इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
चेकिंग के दौरान गाड़ी संख्या 12987 अप (सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस) के सामान्य कोच में चार डरे-सहमे नाबालिग बच्चों को एक व्यक्ति के साथ देखा गया। संदेह होने पर जब पूछताछ की गई तो बच्चों ने बताया कि आरोपी उन्हें जयपुर स्थित मेटल कंपनी में 12 घंटे की मजदूरी के लिए ले जा रहा था, जहां 14,000 रुपये मासिक वेतन देने की बात कही गई थी।
पूछताछ में आरोपी की पहचान राजीव कुमार (21 वर्ष), पुत्र मुन्ना मांझी, निवासी अहमदाबाद, थाना खुदागंज, जिला नालंदा, बिहार के रूप में हुई। सभी चार नाबालिग लड़के भी नालंदा जिले के ही निवासी हैं, जिनमें से दो की उम्र 14 वर्ष और दो की 15 वर्ष है।
टीम ने सभी नाबालिग बच्चों को ट्रेन से उतारकर काउंसलिंग की और उन्हें रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क डीडीयू को सुरक्षित सौंप दिया। आरोपी के खिलाफ बाल तस्करी और बाल श्रम निषेध कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी को कोतवाली मुगलसराय पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया, जहां आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। कार्यवाही में शामिल अधिकारी/संगठन आरपीएफ डीडीयू, सीआईबी, बचपन बचाओ आंदोलन









