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वाराणसी: 22,000 रुपये की रिश्वत लेते मंडी निरीक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई

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वाराणसी: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी करप्शन टीम ने सोमवार को वाराणसी में बड़ी सफलता हासिल की। पहड़िया स्थित फल मंडी के निरीक्षक सत्येंद्र नाथ को 22,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह रिश्वत एक साधारण लाइसेंस बनवाने के लिए मांगी गई थी, जिसकी वास्तविक फीस मात्र 250 रुपये है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि सत्येंद्र नाथ पिछले एक महीने से उसे बार-बार फोन कर रिश्वत की मांग कर रहे थे और मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। इस दबाव से तंग आकर शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन विभाग से संपर्क किया। शिकायत के सत्यापन के बाद विभाग ने जाल बिछाया और कार्रवाई की योजना बनाई।

सोमवार को सत्येंद्र नाथ ने शिकायतकर्ता को पहले मंडी के गेट नंबर 1 पर बुलाया, फिर अचानक गेट नंबर 2 पर बुलाकर स्थान बदलवाया। अंततः मंडी की पिकेट पर जैसे ही सत्येंद्र नाथ ने रिश्वत की रकम ली, एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई और आरोपी को तत्काल हिरासत में ले लिया गया।

इस घटना के बाद फल मंडी परिसर में हड़कंप मच गया। व्यापारियों ने राहत की सांस ली और प्रशासन से ऐसी सख्त कार्रवाइयों को नियमित रूप से जारी रखने की मांग की। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और व्यापारी वर्ग को अनावश्यक परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।

एंटी करप्शन विभाग ने सत्येंद्र नाथ से पूछताछ शुरू कर दी है और मंडी में तैनात अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी, चाहे मामला कितना भी छोटा क्यों न हो।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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