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पटना: उपराष्ट्रपति पद के लिए नीतीश कुमार का नाम चर्चा में, बीजेपी विधायक की मांग से बढ़ी सियासी हलचल

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पटना: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद देश में नए उपराष्ट्रपति के नाम को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में बिहार से एक अहम राजनीतिक संकेत सामने आया है। बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति बनाए जाने की मांग की है।

हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि “नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक अनुभव और राष्ट्रीय स्तर की समझ को देखते हुए उन्हें देश के उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।” इस बयान के बाद बिहार की सियासत में गर्माहट बढ़ गई है, क्योंकि वर्ष के अंत में राज्य में विधानसभा चुनाव भी होने हैं।

क्या है सियासी संकेत?

नीतीश कुमार की उपराष्ट्रपति पद की संभावित दावेदारी को लेकर कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं:

  • विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश की विदाई की संभावित भूमिका?
  • राष्ट्रीय राजनीति में नीतीश कुमार की नई पारी का संकेत?
  • एनडीए और जेडीयू के रिश्तों में संभावित नया समीकरण?

हालांकि, अभी तक खुद सीएम नीतीश कुमार की तरफ से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

विपक्ष और सहयोगी क्या कहेंगे?

बीजेपी विधायक के इस बयान पर विपक्षी दलों और खुद जेडीयू के अंदर कैसी प्रतिक्रिया आती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। यह मांग क्या वास्तव में गंभीर प्रस्ताव है या फिर चुनावी रणनीति का हिस्सा—यह आने वाले दिनों में साफ हो पाएगा।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।