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बलिया: निजी क्लिनिक में युवक पर खुलेआम चाकू से हमला, हालत गंभीर- वारदात के बाद फरार हुए हमलावर

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बलिया: जिले के नरही थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मणपुर बाजार में उस समय सनसनी फैल गई जब एक निजी क्लिनिक में खुलेआम चाकू मारकर एक युवक को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे।

क्या है मामला

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर लगभग 10 की संख्या में बाइक पर सवार होकर क्लिनिक पहुंचे। उन्होंने मरीजों को धक्का देकर सीधे डॉक्टर के चेंबर में घुसकर वहां बैठे युवक विवेक सिंह को खींचकर बाहर निकाला और गर्दन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। युवक अपनी मां के साथ घुटने का इलाज कराने क्लिनिक आया था।

हमलावर चाकू लहराते हुए मौके से फरार हो गए, जबकि घायल युवक जमीन पर गिरकर तड़पता रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तत्काल नजदीकी सीएचसी (CSC) पहुंचाया। वहां से हालत गंभीर बताकर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

डॉक्टरों ने बताया नाजुक स्थिति

जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि युवक की सांस की नली (windpipe) कट चुकी है और उसकी स्थिति बेहद नाजुक है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।

पीड़ित की पहचान:

घायल युवक की पहचान विवेक सिंह, निवासी पलिया खास बड़का खेत के रूप में हुई है। वह वर्तमान में प्रयागराज में रहकर पढ़ाई कर रहा था।

पुलिस जांच में जुटी:

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। नरही थाना प्रभारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद ली जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।