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मथुरा: दरोगा और उसके साथी पर महिला कांस्टेबल से गैंगरेप का आरोप, वीडियो बनाकर दी धमकी

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मथुरा: उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मथुरा में तैनात एक महिला कांस्टेबल ने बागपत निवासी दरोगा रविकांत गोस्वामी और उसके साथी दीक्षांत पर गैंगरेप, ब्लैकमेलिंग और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या हैं आरोप

महिला सिपाही का कहना है कि आरोपी दरोगा रविकांत ने उसे मथुरा के एक फार्म हाउस में बुलाया, जहां नशीला जूस पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और न्यूड वीडियो भी बना ली गई। इसके बाद उसका साथी दीक्षांत भी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रेप में शामिल हो गया।

पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी ने उसे झांसी और मुरादाबाद भी बुलाया था, जहां भी उसके साथ शारीरिक शोषण और मारपीट की घटनाएं हुईं।

मुकदमा दर्ज, तलाश जारी

महिला कांस्टेबल ने मथुरा के जमुनापार थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, धमकी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने बताया है कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल

इस मामले ने यूपी पुलिस की और महिला सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस विभाग में कार्यरत एक महिला कांस्टेबल अगर खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है, तो यह प्रदेश की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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