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बलिया: भीषण गर्मी में बिजली कटौती से जनता बेहाल, विभाग के अधिकारी जवाब देने से कतराए

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बलिया: भीषण गर्मी और बारिश के अभाव के कारण नगरा नगरपालिका क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। रोजाना घंटों की बिजली कटौती से आम जनता परेशान है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि न तो घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है और न ही व्यावसायिक गतिविधियाँ सुचारु रूप से चल पा रही हैं।

इसी समस्या को लेकर उजाला संचार की टीम ने स्थानीय बिजली विभाग के उच्च अधिकारी, सब डिवीजन अधिकारी अशोक कुमार भारती से मुलाकात की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए बयान दिया कि, “इस क्षेत्र की पूरी जिम्मेदारी यहां तैनात जेई तारकेश्वर यादव की है। मेरे अधीन पहले से ही पाँच-छह सब स्टेशन हैं।”जब मौके पर तैनात कर्मचारी SSO से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा, “जब बारिश होगी, तभी बिजली का संचालन सामान्य हो पाएगा।”

इस गैर-जिम्मेदाराना जवाब से जनता में रोष है। लोगों का सवाल है कि जब बिजली विभाग जैसा महत्वपूर्ण सरकारी तंत्र, जिस पर उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा, और जीवन के लगभग 95% कार्य निर्भर हैं, वो इस तरह मौसम के भरोसे काम करेगा, तो आम आदमी क्या करे?

बिल वसूली में विभाग अत्यधिक सक्रिय है और उपभोक्ताओं पर समय से भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन जब बात सेवा देने की आती है, तो कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती।

जनता की प्रमुख मांगें

  • बिजली कटौती की स्पष्ट समय-सारणी जारी की जाए
  • बारिश या मौसम की प्रतीक्षा किए बिना वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जाएं
  • फाल्ट सुधार और लाइन सुधार कार्यों में तेजी लाई जाए
  • उपभोक्ताओं को सूचना देने की व्यवस्था की जाए

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।