वाराणसी: चन्दौली के सकलडीहा से वर्तमान विधायक प्रभु नारायण यादव और उनके भाई अनिल यादव को विशेष न्यायालय (एमपी/एमएलए) ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है। न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत ने यह फैसला साक्ष्य के अभाव में सुनाया। यह मामला वर्ष 2015 में बलुआ थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था।
वादी सुशील सिंह ने आरोप लगाया था कि प्रभु नारायण यादव, उनके भाई और समर्थकों ने सड़क जाम कर हमला किया और जान से मारने की धमकी दी। लेकिन न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को सिद्ध करने में पूरी तरह विफल रहा। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत गवाहों के बयानों में विरोधाभास थे और कोई स्वतंत्र प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य नहीं दिया गया।
अदालत ने आदेश में कहा “अभियोजन पक्ष आरोपित अपराध को युक्तिसंगत संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। दोषसिद्धि टिक नहीं सकती। अतः अभियुक्तों को दोषमुक्त किया जाता है।”
विधायक प्रभु नारायण यादव ने फैसले के बाद कहा कि यह निर्णय न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित मुकदमों की गहराई से जांच की आवश्यकता को दर्शाता है। इस मामले में बचाव पक्ष की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव “गुड्डू”, संदीप कुमार यादव और संदीप यादव ने की।








