आगरा: जिले में शुक्रवार दोपहर एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां पत्नी ने भाइयों के साथ मिलकर अपने पति का अपहरण करा दिया। आरोप है कि पत्नी मायके में बसने और खेती की जमीन बेचने का दबाव बना रही थी, लेकिन पति के इनकार करने पर यह साजिश रची गई।
दिनदहाड़े अपहरण, कार की डिग्गी में बंद
जानकारी के मुताबिक, 50 वर्षीय किसान हरदेव सिंह पूजा कर रहे थे, तभी उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी के भाई राजपाल उर्फ राजू, सत्यपाल सिंह, धर्मपाल सिंह और दो अन्य साथी घर पहुंचे। आरोपियों ने अचानक हमला कर हरदेव के साथ मारपीट की, उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और हाथ-पैर बांधकर कार की डिग्गी में डाल दिया।
पड़ोसियों संजीव और चेतन ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने धमकाकर उन्हें चुप करा दिया। कार में हरदेव का नाबालिग बेटा भी मामा के साथ बैठा था।
पुलिस और ग्रामीणों ने रोकी कार
सूचना पर पुलिस और ग्रामीणों ने करीब पांच किलोमीटर दूर घेराबंदी कर कार को रुकवाया और हरदेव को बेहोशी की हालत में डिग्गी से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने दो आरोपियों राजपाल और सत्यपाल को मौके से हिरासत में ले लिया, जबकि अन्य फरार हो गए।
विवाद की जड़ में 25 बीघा जमीन
पीड़ित के भतीजे सतेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि चाची लक्ष्मी देवी ही इस अपहरण की मास्टरमाइंड हैं। वह अपने भाइयों के साथ मिलकर हरदेव की 25 बीघा खेती की जमीन बिकवाना चाहती हैं और उन्हें मायके में ले जाना चाहती थीं।
पुलिस का बयान
डीसीपी अतुल शर्मा ने बताया कि विवाद के चलते लक्ष्मी देवी मायके में रह रही हैं। हरदेव सिंह की तहरीर के आधार पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।









