गाजीपुर: आदि गंगा गोमती के तट पर स्थित पर्णकुटी आश्रम श्रद्धा और भक्ति का प्रमुख केंद्र है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रोजाना नदी पार कर दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। अब तक लोग रस्सियों के सहारे छोटी नौका खींचकर गोमती पार करते थे, जिससे उनकी जान पर हमेशा खतरा मंडराता था।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए महंत अरुण दास महाराज ने जनसहयोग से नौका में मोटर लगवाया। इस कार्य में गोमती पार टेकुरी निवासी वेद त्रिपाठी और गौरी निवासी अमित जायसवाल ने आर्थिक सहयोग किया।
बुधवार को विधिवत पुष्प और दुग्ध अर्पित कर मोटरबोट का पूजन किया गया। पहली यात्रा में महंत ने स्वयं नौका चलाकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित नदी पार कराया।
महंत अरुण दास ने कहा कि अब श्रद्धालुओं को रस्सियों के सहारे तेज धारा में जान जोखिम में डालकर यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। जनसहयोग से लगाया गया यह मोटरबोट उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए बड़ा कदम है।








