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Varanasi: विजिलेंस टीम ने निर्माण अफसर के तीन ठिकानों पर की ताबड़तोड़ छापेमारी; 13 मकान, लाखों के गहने और करोड़ों की चल-अचल संपत्ति का मिला ब्यौरा

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वाराणसी: उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के अपर परियोजना प्रबंधक (विद्युत इकाई) मनोज यादव के ठिकानों पर विजिलेंस की वाराणसी सेक्टर की टीम ने छापा मारा। विजिलेंस ने करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान टीम को नौ लाख के गहने और 1.2 करोड़ रुपये के निवेश के दस्तावेज मिले।

इसके अलावा टीम ने मनोज यादव के टैबलेट और मोबाइल को जब्त कर लिया है, जिन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। इन उपकरणों से और भी संपत्तियों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। 

बता दें की वाराणसी इकाई के प्रभारी मनोज यादव मूल रूप से वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र के रामगांव पलहीपट्टी गांव के निवासी हैं। उनके खिलाफ 25 जुलाई को वाराणसी विजिलेंस सेक्टर थाने में आय से 238 फीसदी अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद शनिवार को विजिलेंस की तीन टीमों ने वाराणसी, मसूरी और देहरादून स्थित उनके ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया।

इस दौरान टीम को छह बैंक खातों के दस्तावेज, 13 मकान/जमीन की रजिस्ट्री और करोड़ों रुपये की अवैध चल-अचल संपत्तियों का पता चला। अधिकारियों का कहना है कि सर्च ऑपरेशन से संबंधित रिपोर्ट जल्द ही अदालत में पेश की जाएगी। विजिलेंस अफसरों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उन्हें आरोप पत्र में शामिल किया जाएगा।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।