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मिर्जापुर: मां दुर्गा की प्रतिमाओं का भव्य विसर्जन, बारिश के बावजूद उमड़ा आस्था का सैलाब

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मिर्जापुर। जय माता दी के गगनभेदी जयघोष और नगाड़ों की थाप के बीच शारदीय नवरात्र की समापन बेला पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का भव्य विसर्जन किया गया। नगर के विभिन्न पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अहरौरा बांध के सुलिस क्षेत्र में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद विसर्जित किया गया।

सुबह से ही इंद्रदेव की कृपा बनी रही और लगातार हल्की बारिश होती रही, इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। दोपहर बाद से शुरू हुई विसर्जन यात्रा शाम तक जारी रही। श्रद्धालु “जय माता दी” के उद्घोष और नगाड़ों की थाप पर झूमते नजर आए।

विसर्जन यात्रा में दुर्गा पूजा समिति गोला पांडे जी, मां दुर्गा पूजा महोत्सव गोला सहवाईन, जय मां अंबे दुर्गा पूजा समिति चौक बाजार, जय मां अंबे दुर्गा पूजा बाल समिति पटवा टोला, और जय मां दुर्गा पूजा समिति कोईरान बाजार की प्रतिमाएं शामिल रहीं। सभी शोभायात्राएं नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई नई बाजार स्थित पुराना बस स्टैंड संकट मोचन मंदिर पहुंचीं, जहां से प्रतिमाओं को प्रशासनिक सुरक्षा में वाहनों द्वारा विसर्जन स्थल ले जाया गया।

नगर पालिका प्रशासन ने विसर्जन मार्ग को दुरुस्त कराया और स्थल पर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की। भक्तों ने मां दुर्गा को विदाई देते हुए सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

रिपोर्ट- अनूप कुमार

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।