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गाजीपुर: मरदह में ग्राम चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ समाधान

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गाजीपुर: मरदह ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न गांवों में शुक्रवार को ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया और मौके पर ही उनका समाधान किया गया।

दुर्खुर्शी गांव में आयोजित चौपाल में 49 ग्रामीणों की उपस्थिति रही। यहां आए 3 मामलों का निस्तारण ग्राम पंचायत सचिव सुनील कन्नौजिया ने तत्परता से किया। उन्होंने मनरेगा कार्यों, मजदूरी भुगतान, जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, आपदा बचाव (सर्पदंश, डूबने, आंधी-तूफान) और आवास एवं पेंशन योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। ग्रामीणों के साथ खड़ंजा, चकरोड, नाली-नाला और शौचालय निर्माण जैसे स्थानीय विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई।

वहीं खजूरगांव गांव में आयोजित ग्राम चौपाल में 35 ग्रामीण उपस्थित रहे। यहां 4 समस्याओं को रखा गया, जिनका निस्तारण ग्राम पंचायत सचिव बबलू गोंड ने मौके पर ही किया। उन्होंने साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, जल निकासी, संचारी रोग नियंत्रण, टीकाकरण और सरकारी योजनाओं जैसे — वृद्धावस्था, विधवा व विकलांग पेंशन, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि आदि पर विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान सरिता राजभर, मीना सिंह, अशोक सिंह, तेज बहादुर राजभर, विजय, उषा, शिवनारायण, बृजेश यादव समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।

रिपोर्ट — धर्मेन्द्र कुमार

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।