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मिर्जापुर: थाना पडरी की कथित फर्जी मुठभेड़ व भोजपुरी कलाकार अंशु कुमार दुबे पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग, AAP ने जिला मुख्यालय पर किया विशाल प्रदर्शन

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मिर्जापुर। थाना पडरी क्षेत्र में 16 अक्टूबर 2025 को हुई कथित फर्जी मुठभेड़ और भोजपुरी सिनेमा कलाकार अंशु कुमार दुबे पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमे को वापस लेने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) मिर्जापुर ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कुमार पांडेय एडवोकेट और जिला अध्यक्ष प्रोफेसर बी. सिंह ने किया। कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग उठाई।

थाना पडरी की मुठभेड़ को बताया ‘स्वरचित’

AAP के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कुमार पांडेय ने कहा कि पुलिस ने “नंबर बढ़ाने” के उद्देश्य से मुठभेड़ का नाटक किया। उन्होंने दावा किया कि घटना के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी 14 अक्टूबर को हो चुकी थी, इसलिए 16 अक्टूबर को मुठभेड़ की कहानी बनाना पूरी तरह संदिग्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मुठभेड़ योजना के तहत बनाई गई फर्जी कार्रवाई है जिसकी न्यायिक जांच होनी अनिवार्य है।

अंशु कुमार दुबे पर दर्ज मुकदमे को बताया फर्जी

जिला अध्यक्ष प्रो. बी. सिंह ने कहा कि अंशु कुमार दुबे के खिलाफ ग्राम प्रधानी चुनाव की रंजिश में ग्राम प्रधान और कुछ पुलिस कर्मियों की मिलीभगत से गलत मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अपराधियों पर कार्रवाई के पक्ष में है, लेकिन निर्दोषों को फंसाने की साजिश बर्दाश्त नहीं करेगी।

जिला प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग

प्रदेश सचिव रमाशंकर साहू ने कहा कि पुलिसिया उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्टी ने मांग की है कि दोनों मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायिक जांच हो।

सैकड़ों कार्यकर्ता हुए शामिल

प्रदर्शन में पीड़ित परिवार के अलावा आभा देवी, रविंद्र कुमार श्रीवास्तव, मनोज कुमार सोनकर एडवोकेट, सीमा खान, पद्मिनी गुप्ता, आनंद कुमार सिंह, विमला देवी, राजकुमार, महताब अली, जितेंद्र भारती, अंजली देवी, पूजा देवी सहित सैकड़ों AAP कार्यकर्ता शामिल रहे।

ब्यूरोचीफ- बसंत कुमार गुप्ता

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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