हैदराबाद/रियाद: सऊदी अरब के मक्का–मदीना हाईवे पर रविवार देर रात हुए भीषण बस हादसे में जान गंवाने वाले 45 भारतीय नागरिकों के शव अब भारत नहीं लाए जाएंगे। ये सभी उमरा (इस्लामिक तीर्थयात्रा) के लिए सऊदी अरब गए थे। हादसे में मारे गए लोगों को लेकर तेलंगाना मंत्रिमंडल ने अहम निर्णय लेते हुए कहा है कि सभी मृतकों को उनके धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार सऊदी अरब में ही दफनाया जाएगा।
तेलंगाना सरकार का निर्णय
तेलंगाना सरकार ने सोमवार को समीक्षा बैठक के बाद यह फैसला लिया। सरकार का कहना है कि—
- मृतकों के परिवारों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखा गया है।
- सऊदी अरब में दफन होने से प्रक्रिया सहज और धार्मिक तौर पर उचित रहेगी।
- शवों को भारत लाने की औपचारिकताएँ लंबी और जटिल होतीं, जिन्हें परिवारों की सहमति से टाला गया है।
हादसे में बड़ी संख्या में भारतीय मारे गए
रविवार रात हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में बस में सवार 45 भारतीयों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए। बस उमरा यात्रियों को लेकर मक्का से मदीना जा रही थी, तभी तेज रफ्तार और तकनीकी खराबी के कारण हादसा हुआ।
परिवारों को सहायता व समन्वय
सरकार ने बताया कि:
- भारतीय दूतावास लगातार सऊदी प्रशासन से संपर्क में है।
- मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।
- अंतिम संस्कार से जुड़ी सभी प्रक्रियाएँ स्थानीय प्रशासन की मदद से पूरी की जाएँगी।
परिवारों में शोक की लहर
तेलंगाना और अन्य राज्यों के कई परिवार हादसे की सूचना के बाद सदमे में हैं। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं में परिवारों को सहायता दी जाएगी।









