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गाजीपुर: रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से रोहिली में लगा पशुपालन कैंप, 562 पशुओं का हुआ निःशुल्क उपचार

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गाजीपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय आरोग्य मेला के तहत मंगलवार, 18 नवंबर 2025 को ग्राम सभा रोहिली में पशुपालन कैंप का सफल आयोजन किया गया। कैंप का उद्घाटन ग्राम प्रधान ललन पासवान एवं कासिमाबाद पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित कुमार सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

कैंप में बड़ी संख्या में पुरुष और महिला पशुपालक पहुंचे और अपने गाय, भैंस, बकरी, भेड़, मुर्गी, कुत्ता आदि पशुओं का निःशुल्क इलाज, दवा वितरण और परामर्श प्राप्त किया। पशुओं में किलनी, कीड़ी, पतला गोबर, टनका, गर्भाधान संबंधी समस्याओं का उपचार किया गया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि कुल 562 पशुओं का निःशुल्क उपचार किया गया।

रिलायंस फाउंडेशन का सहयोग

रिलायंस फाउंडेशन ने कैंप में विशेष सहयोग प्रदान किया। फाउंडेशन के प्रतिनिधि राहुल वर्मा ने उपस्थित ग्रामीणों को टोल फ्री हेल्पलाइन 1800 419 8800 की जानकारी दी, जिसके माध्यम से किसान विभिन्न कृषि व पशुपालन संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

10 मिनट में पहुंचने वाली एंबुलेंस सेवा

डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि किसानों के लिए निःशुल्क पशु एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करते ही एंबुलेंस 10 मिनट के भीतर पशुपालक के दरवाजे पर पहुंच जाती है। वहीं कैंप को सफल बनाने में मनीष पाठक, गोपाल जी गुप्ता, विसर्जन, विनोद, तेग बहादुर और आनंद का विशेष योगदान रहा।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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