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वाराणसी: सरकारी भूमि पर अवैध कब्ज से विकास कार्य प्रभावित, ग्रामीणों ने डीएम से की हस्तक्षेप की मांग

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वाराणसी। चिरईगांव ब्लॉक के ग्राम सभा रामचन्दीपुर में सरकारी भूमि पर वर्षों से चल रहे अवैध कब्जे के कारण ग्राम पंचायत के विकास कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर जून 2024 में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सदर न्यायालय ने सुनवाई कर इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश दिया था, लेकिन despite आदेश के अब तक उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।

एसडीएम न्यायालय ने किया था पट्टों का निरस्तीकरण

ग्रामीणों ने बताया कि विवादित भूमि पर लम्बे समय से कुछ व्यक्तियों द्वारा खेती की जा रही है। मामले की जांच के दौरान एसडीएम न्यायालय ने पुराने पट्टों को निरस्त करते हुए भूमि का श्रेणी परिवर्तन कर उसे 6-4 श्रेणी में दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद कागजों में भूमि को ग्राम समाज के खाते में पुनः दर्ज कर दिया गया।

कागजों में ग्राम समाज, जमीन पर कब्जा जस का तस

हालाँकि अभिलेखों में भूमि अब ग्राम समाज की संपत्ति है, लेकिन जमीनी स्तर पर कब्जा हटाने की कोई कार्रवाई नहीं हुई। कब्जाधारी आज भी इस भूमि पर खेती कर रहे हैं, जो सरकारी आदेशों की खुली अवहेलना मानी जा रही है।

ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी, डीएम से की हस्तक्षेप की मांग

अवैध कब्जे और प्रशासनिक निष्क्रियता से नाराज़ ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक भूमि कब्जा मुक्त नहीं होगी, तब तक ग्राम पंचायत के विकास कार्य अटकेंगे।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि “यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो हमें सामूहिक आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।”

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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