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गाजीपुर: हरिहरपुर न्याय पंचायत में बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता सम्पन्न, बच्चों ने दिखाई शानदार प्रतिभा

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गाजीपुर: मरदह स्थानीय थाना क्षेत्र के हरिहरपुर न्याय पंचायत के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8 तक के बालक–बालिका वर्ग की बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता वृहस्पतिवार को हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुई। प्रतियोगिता का आयोजन प्राथमिक विद्यालय गहिली बसारिकपुर के खेल मैदान में किया गया, जिसमें विभिन्न प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने हुनर का शानदार प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में दौड़, रिले रेस, हर्डिल, लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक, चक्का फेंक, वॉलीबॉल, फुटबॉल, हैंडबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, जिम्नास्टिक, योगा, कुश्ती, जूडो-कराटे, व्यायाम, राष्ट्रीय एकांकी, लोकगीत, समूहगान, अंत्याक्षरी सहित कई खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित हुईं।

कार्यक्रम के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी मिन्हाज अंसारी, विशिष्ट अतिथि पारसनाथ राय (पूर्व लोकसभा प्रत्याशी), मनोज कुमार सिंह (संयोजक, जंगीपुर विधानसभा), शिक्षाविद् व समाजसेवी प्रभाशंकर त्रिपाठी कल्लू, प्रशांत कुमार त्रिपाठी पीयूष (प्रधान प्रतिनिधि), अयोध्या प्रसाद (प्रभारी नोडल) तथा कार्यक्रम संयोजक मनोरमा तिवारी (प्रधानाध्यापिका, प्रा.वि. गहिली बसारिकपुर) ने माँ सरस्वती के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

खंड शिक्षा अधिकारी मिन्हाज अंसारी ने कहा कि बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं होती, उन्हें बस सही दिशा और अवसर देने की जरूरत है, जिससे वे गाँव से निकलकर देश का नाम रोशन कर सकें।

वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता पारसनाथ राय ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प व खेलकूद के माध्यम से बच्चों में कौशल विकास व नेतृत्व क्षमता को मजबूत कर रही है।

तहसील प्रभारी: धर्मेन्द्र कुमार
ब्यूरोचीफ: संजय यादव

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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