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वाराणसी: बीएचयू के सिंह द्वार से महिला महाविद्यालय तक रोजाना जाम, मरीज और कर्मचारियों को हो रही परेशानी

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वाराणसी: बीएचयू के सिंह द्वार से महिला महा विद्यालय तक का मार्ग रोज़ाना भारी जाम में फंस जाता है, जिससे बीएचयू के कर्मचारी, मरीज और उनके परिजन गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

जाम का मुख्य कारण

  • बिहार तक जाने वाली सवारी ढोने वाली सभी गाड़ियां बीएचयू गेट से महिला महा विद्यालय चौराहे तक सवारी भरने के लिए खड़ी रहती हैं।
  • इसके कारण सड़क पर गहरी जाम की स्थिति बन जाती है।
  • यह स्थिति सुरक्षाकर्मियों की जानकारी में होने के बावजूद जाम रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
  • दिन प्रतिदिन इन वाहनों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ती जा रही है।

प्रशासनिक चूक

स्थानीय लोग सवाल कर रहे हैं कि बीएचयू प्रशासन और पुलिस इतनी बड़ी समस्या के बावजूद हस्तक्षेप क्यों नहीं कर रहे, और ऐसे वाहनों को सड़क से हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।

इस समस्या के चलते न केवल दैनिक आवागमन प्रभावित होता है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी संकट उत्पन्न हो रहा है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।