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वाराणसी मंडल में आय वृद्धि के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मिल रहा बढ़ावा

वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में आय बढ़ाने के साथ-साथ स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक के निर्देशन तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के नेतृत्व में वाराणसी मंडल के वाणिज्य विभाग ने नॉन-फेयर रेवेन्यू के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल की है।

इस योजना के तहत छपरा, बनारस एवं गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशनों पर वेस्ट मैनेजमेंट के लिए ई-ऑक्शन के माध्यम से ScrapQ Hub Private Limited (विशाखापत्तनम) के साथ अनुबंध किया गया है। अनुबंध के अंतर्गत संबंधित कंपनी द्वारा स्टेशनों पर उत्पन्न होने वाले लगभग 350 टन पुनर्चक्रण योग्य (Recyclable) कचरे का संग्रह एवं वैज्ञानिक प्रबंधन किया जाएगा।

इस व्यवस्था से रेलवे को लगभग ₹5.20 लाख प्रति वर्ष का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही प्लास्टिक बोतल, ग्लास बोतल, फूड कंटेनर, प्लास्टिक कवर, कागज तथा सिल्वर फॉइल जैसे ठोस अपशिष्ट का व्यवस्थित निस्तारण कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल स्वच्छ एवं हरित रेलवे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

हरित रेलवे की ओर निरंतर प्रयास

भारतीय रेलवे द्वारा पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए स्टेशनों पर सौर ऊर्जा का उपयोग, बायो-टॉयलेट की स्थापना, व्यापक वृक्षारोपण, प्लास्टिक बोतल क्रशर के माध्यम से अपशिष्ट प्रबंधन, एलईडी लाइटिंग तथा ग्रीन कॉरिडोर जैसे कई कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य कार्बन फुटप्रिंट को कम करना और रेलवे परिसरों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं टिकाऊ बनाना है।

भारतीय रेलवे विश्व की सबसे बड़ी ग्रीन रेलवे बनने की दिशा में अग्रसर है और 2030 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन (Net Zero Carbon Emission) का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

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