उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विवाहित महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए राशन कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब विवाह के बाद महिलाओं को मायके से ससुराल के राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और न ही इस प्रक्रिया के दौरान उनका राशन बंद होगा।
सरकार ने इस संबंध में नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत विवाहित महिलाओं की यूनिट ट्रांसफर प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद ने इसको लेकर खाद्य आयुक्त, सभी जिलाधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारियों को पत्र जारी किया है।
क्या है नई व्यवस्था
पत्र में बताया गया है कि—
- विवाह के बाद महिला लाभार्थी का नाम मायके के राशन कार्ड से हटाने से पहले
ससुराल के राशन कार्ड में उसका नाम जोड़ा जाएगा। - जब तक यूनिट ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती,
तब तक महिला का नाम मायके के कार्ड से नहीं काटा जाएगा। - जिले के भीतर या दूसरे जिले में विवाह होने की स्थिति में भी
यूनिट ट्रांसफर की प्रक्रिया सरल रहेगी।
क्यों लिया गया फैसला
सरकार के अनुसार, बड़ी संख्या में विवाहित महिलाओं के आवेदन लंबित थे। कई मामलों में महिलाओं को राशन मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि उनका नाम न तो मायके में रह जाता था और न ही ससुराल के राशन कार्ड में जुड़ पाता था।
अधिकारियों को निर्देश
खाद्य एवं रसद विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि—
- लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए
- महिलाओं को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए
- यूनिट ट्रांसफर प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए
सरकार के इस फैसले से लाखों विवाहित महिलाओं को राहत मिलने की उम्मीद है और राशन वितरण व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व सुगम होगी।









