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मेरठ: ट्रैफिक जाम में महिला दरोगा ने खोया आपा, बोली- मुंह में मूत दूंगी, वीडियो वायरल होने पर सस्पेंड

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मेरठ। ट्रैफिक जाम में फंसने के बाद आपा खो बैठी एक महिला दरोगा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला दरोगा एक कार चालक से अभद्र भाषा का प्रयोग करती नजर आ रही हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए महिला दरोगा को निलंबित कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला मेरठ का है। वायरल वीडियो में महिला दरोगा ट्रैफिक जाम में फंसने के बाद अपना आपा खो बैठती हैं और सामने खड़े वाहन चालक से अमर्यादित भाषा में बात करती दिखाई दे रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला दरोगा का व्यवहार बेहद आपत्तिजनक था, जिससे मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

बताया जा रहा है कि महिला दरोगा रत्ना वर्तमान में जनपद अलीगढ़ के थाना महुआ खेड़ा में तैनात हैं। वह अपने अधिकारियों को मुजफ्फरनगर जाने की बात बताकर अपने गृह जनपद मेरठ आई हुई थीं। इसी दौरान ट्रैफिक जाम में फंसने पर यह विवाद हुआ।

मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग हरकत में आया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए महिला दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) को सौंपी गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।