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मथुरा: मुस्लिम पंचायत का फरमान, शादी में गाना-बजाना किया तो देना होगा 11 हजार जुर्माना, जानें क्या है वजह…

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मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में मुस्लिम समुदाय की एक पंचायत ने शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची और गैर-जरूरी रस्मों पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। पंचायत ने तय किया है कि यदि कोई परिवार इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और साथ ही सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।

यह निर्णय कोसी कलां कस्बे में ईदगाह कमेटी द्वारा आयोजित एक पंचायत में बीते शुक्रवार को सर्वसम्मति से लिया गया। पंचायत में मौजूद धर्मगुरुओं, समाज के वरिष्ठ लोगों और स्थानीय नागरिकों ने एकमत होकर कहा कि शादियों में बढ़ती दिखावे की प्रवृत्ति से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

पंचायत के अनुसार, इस फैसले का मकसद समाज में सादगी को बढ़ावा देना, फिजूलखर्ची पर रोक लगाना और युवाओं पर अनावश्यक दबाव कम करना है। साथ ही दहेज जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।

ईदगाह कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि यह नियम पूरे समुदाय पर लागू होगा और सभी से इसका पालन करने की अपील की गई है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तय जुर्माने के साथ सामाजिक बहिष्कार जैसी कार्रवाई की जाएगी, ताकि समाज में अनुशासन बना रहे।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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