गाजीपुर। कासिमाबाद क्षेत्र के ग्राम पंचायत बासुदेवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय परिसर में सोमवार को हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में सनातन संस्कृति की महत्ता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता प्रदुम्न दास महाराज ने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि एक विचार और जीवन-दर्शन है। हमारी पहचान सनातन संस्कृति से जुड़ी हुई है, जिसने हजारों वर्षों से देश को दिशा और संस्कार दिए हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज समाज को जाति, भाषा, पंथ और क्षेत्र के नाम पर बांटने के प्रयास हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग थोड़े से लालच में अपना सनातन धर्म छोड़ रहे हैं, जबकि उन्हें गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों — फतेह सिंह और जोरावर सिंह — से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिन्होंने दीवार में चुनवाए जाने के बावजूद धर्म नहीं छोड़ा। उन्होंने इसे आस्था और साहस का सर्वोच्च उदाहरण बताया।
मुख्य वक्ता ने मातृशक्ति की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज का निर्माण महिलाओं के बिना अधूरा है। संस्कार, सेवा और संगठन में माताओं-बहनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और परिवार के माध्यम से ही राष्ट्र निर्माण की नींव रखी जाती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत के पूर्व चेयरमैन नरेंद्र नाथ सिंह ने स्वदेशी अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपनी भाषा, वेशभूषा, खान-पान और परंपराओं पर गर्व करना चाहिए। सांस्कृतिक आत्मविश्वास ही किसी भी राष्ट्र को मजबूत बनाता है।
सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचार प्रमुख जितेंद्र, मंडल कार्यवाह रविकांत उपाध्याय, गिरधर उपाध्याय, ग्राम प्रधान रंजीत सिंह, रमेश राम, धनंजय मिश्रा, बीडीसी सदस्य धनंजय सिंह, चंद्रिका राजभर, राजू सिंह, रामकरण सिंह, दयाशंकर उपाध्याय, हरे राम सिंह, अंबिका राजभर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।









