गाजीपुर। SIR (मतदाता पहचान और पुनरीक्षण) प्रक्रिया में नाम कटने को लेकर जिले की सियासत गर्मा गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रक्रिया का असर 2027 के विधानसभा चुनावों पर निर्णायक हो सकता है।
2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के उम्मीदवारों ने भाजपा के सातों विधानसभा क्षेत्रों में जीत दर्ज की थी। लेकिन अब SIR में इन सातों विधानसभाओं में जीत के अंतर से कहीं अधिक मतदाताओं के नाम कट गए हैं, जिससे राजनीतिक रणनीतिकारों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
सदर विधानसभा में सपा के जैकिशन साहू ने भाजपा की डा. संगीता बलवंत को केवल 1,692 मतों से हराया था, जबकि SIR में 63,623 मतदाताओं का नाम कट गया।
मुहम्मदाबाद में सपा के शोएब उर्फ मन्नू अंसारी ने भाजपा की अलका राय को 18,655 मतों से पराजित किया, जबकि SIR में 74,063 मतदाताओं के नाम कट गए।
जंगीपुर विधानसभा में सपा के डॉ. विरेंद्र यादव ने भाजपा के रामनरेश कुशवाहा को 34,557 मतों से हराया, जबकि SIR में 52,846 नाम कटे।
सैदपुर में सपा के अंकित भारती ने भाजपा के सुभाष पासी को 35,792 मतों से पराजित किया, जबकि 48,867 मतदाताओं के नाम SIR में कट गए।
जमानियां विधानसभा में सपा के ओमप्रकाश सिंह ने भाजपा की सुनीता सिंह को 22,145 मतों से हराया, जबकि SIR में 60,162 नाम कटे।
जहुराबाद विधानसभा से सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा के कालीचरण राजभर को 45,231 मतों से हराया, जबकि SIR में 53,759 नाम कटे।
जखनियां विधानसभा में सुभासपा के बेदी राम ने भाजपा को 36,865 मतों से हराया, जबकि 55,369 मतदाताओं के नाम SIR से हटाए गए।
लोकसभा चुनाव 2024 में गाजीपुर क्षेत्र से सपा के अफजाल अंसारी ने भाजपा के पारसनाथ राय को 1,24,861 मतों से पराजित किया, जबकि SIR में इस क्षेत्र के कुल 2,80,867 मतदाताओं के नाम कट गए हैं।
हालांकि अभी कटे हुए नामों पर दावे और आपत्तियां दर्ज होना बाकी हैं, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि इन नाम कटावों का प्रभाव 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनावों पर गहरा पड़ेगा।
ब्यूरो चीफ, गाजीपुर: संजय यादव









