बलिया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित ग्राम्य विकास, पंचायती राज व नियोजन विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में योजनाओं की धीमी प्रगति और अनियमितताओं पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और सख्त निर्देश जारी किए।

पीएम आवास योजना की समीक्षा में जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 623 आवासों के निर्माण का लक्ष्य था, जिसमें गड़वार के 62, सोहांव के 8, रेवती के 8 और चिलकहर के 4 आवास अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। इस पर उन्होंने संबंधित विकास खंड अधिकारियों पर नाराजगी जताई। बिना सत्यापन के 250 अपात्र लाभार्थियों को आवास की धनराशि भुगतान किए जाने पर डीएम ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर से भुगतान हुआ है, उनसे वेतन से रिकवरी की जाएगी।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि 27 आवास मृत व्यक्तियों के नाम पर आवंटित हैं, 80 आवास जमीनी विवाद में फंसे हैं और 31 आवास न्यायालय में विचाराधीन हैं। जिलाधिकारी ने सभी 623 आवासों का सत्यापन कराने और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कॉन्वर्जेंस की समीक्षा के दौरान शौचालय, बिजली कनेक्शन और उज्ज्वला योजना से जुड़े कार्यों का डाटा तत्काल अपडेट करने के निर्देश दिए गए। वहीं मनरेगा के तहत आवास लाभार्थियों को दी जा रही मजदूरी की स्थिति की भी जानकारी ली गई। पीएम आवास प्लस सर्वे को लेकर डीएम ने पारदर्शिता पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि पात्र और अपात्र की सूची ग्राम पंचायतों में खुली बैठक में पढ़कर सुनाई जाए और नाम हटाने के कारण भी स्पष्ट किए जाएं।
इसके बाद ग्राम्य विकास और पंचायती राज योजनाओं की समीक्षा में स्वयं सहायता समूह गठन में हनुमानगंज, बेलहरी, चिलकहर, बेरुआरबारी और मनियर ब्लॉकों की खराब प्रगति पर संबंधित बीएमएम को लक्ष्य शीघ्र पूरा करने की चेतावनी दी गई। लखपति दीदी योजना, सामुदायिक निवेश निधि और जीरो पावर्टी अभियान में भी धीमी प्रगति पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
पंचायत भवन निर्माण की समीक्षा में जिलाधिकारी ने बताया कि 62 पंचायत भवन अब तक पूर्ण नहीं हो सके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 जनवरी तक निर्माण कार्य पूरा न होने पर संबंधित खंड विकास अधिकारी जिम्मेदार होंगे। साथ ही पंचायत सहायकों की प्रोफाइल अपडेट करने, रिक्त पदों की रिपोर्ट देने और सभी पंचायत भवनों में सीसीटीवी व वाई-फाई संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामुदायिक शौचालय निर्माण में देरी पर भी डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। भूमि उपलब्ध न होने की स्थिति में एक सप्ताह के भीतर समाधान न होने पर संबंधित बीडीओ, एसडीएम और लेखपाल का वेतन रोकने की चेतावनी दी गई।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, डीडीओ आनंद प्रकाश सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट- संजय सिंह









