गाजीपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार समूह के सदस्य एवं ऊर्जा विशेषज्ञ रविकांत मिश्रा ने मंगलवार को विकास भवन में पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को लेकर जनपद स्तरीय अधिकारियों और लाभार्थियों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर सोलर पंप लाभार्थी, वेंडर्स, विद्युत विभाग, कृषि विभाग, यूपी नेडा, बैंक एवं उद्योग विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
संवाद के दौरान रविकांत मिश्रा ने पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों के यहां स्थापित सोलर पंपों से हो रहे लाभों पर विस्तार से चर्चा की और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों से प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। सोलर पंपों की घटती मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर उप कृषि निदेशक ने बताया कि सिंचाई के लिए मुफ्त विद्युत आपूर्ति तथा विद्युत चालित पंपों की तुलना में सोलर पंप से कम पानी का डिस्चार्ज इसकी प्रमुख वजह है।
बैठक में मौजूद लाभार्थियों ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत लगाए गए सोलर रूफटॉप से उनके बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है और इसमें किसी प्रकार का रखरखाव भी नहीं करना पड़ता। सूर्य की रोशनी से बिजली उत्पादन कर वे नियमित रूप से बिजली बिल में बचत कर रहे हैं।
संवाददाताओं से बातचीत में रविकांत मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य तभी प्राप्त किया जा सकता है, जब नवीनीकृत और सौर ऊर्जा को घर-घर तक व्यापक रूप से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक ऊर्जा स्रोत आने वाले दशकों में सीमित हो सकते हैं, जबकि ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है।
बैठक के उपरांत श्री मिश्रा ने ग्राम पंचायत छावनी लाइन में स्थापित सोलर पंपों तथा पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थियों के घरों का भ्रमण कर किसानों से योजनाओं को और प्रभावी बनाने को लेकर सुझाव लिए। किसानों ने योजनाओं में आ रही समस्याओं, सोलर फेंसिंग को अधिक लचीला बनाने और क्लस्टर आधारित व्यवस्था के बजाय किसान-केंद्रित प्रावधानों की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।









