रोहनिया। महाराज बलवंत सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गंगापुर में महाविद्यालय के संस्थापक महाराज डॉ. विभूति नारायण सिंह की जयंती के अवसर पर “स्थापक स्मृति एवं प्रेरणा दिवस” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्तीर्ण एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को उपाधि, मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर रमेश चंद पाठक तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. दीप्ती मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ रहीं। प्राचार्य प्रोफेसर पुरुषोत्तम सिंह के साथ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र एवं महाराज डॉ. विभूति नारायण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर रमेश चंद पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि बसंत पंचमी ज्ञान, संस्कृति और नवचेतना का पर्व है। संस्थापक महाराज बलवंत सिंह द्वारा स्थापित यह महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में समाज को निरंतर दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. दीप्ती मिश्रा ने कहा कि उपाधि और मेडल केवल शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व का भी संदेश देते हैं। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और क्षमता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए।
प्राचार्य प्रोफेसर पुरुषोत्तम सिंह ने संस्थापक महाराज बलवंत सिंह के शिक्षा के प्रति समर्पण को स्मरण करते हुए कहा कि महाविद्यालय उनके आदर्शों के अनुरूप विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभिषेक अग्निहोत्री ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य प्रो. पुरुषोत्तम सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।








