Search
Close this search box.

Varanasi: जनता एक्सप्रेस ट्रेन में बदमाशों ने वाराणसी के युवक को मारी गोली, लूटपाट, दहशत में यात्री  

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

Varanasi: दानापुर-पीडीडीयू रेलखंड पर सदीसोपुर स्टेशन के पास लोकमान्य तिलक मुंबई जनता एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 13201) में अपराधियों ने यात्रियों से लूटपाट की। विरोध करने पर वाराणसी के मण्डुआडीह थाना क्षेत्र के भूलनपुर गांव निवासी कृष्ण मोहन उपाध्याय (40 वर्ष) को गोली मार दी गई। गोली उनके दाहिने हांथ में लगी और सीने को छूते हुए निकल गई। अपराधियों ने ट्रेन से उतरने के बाद भी फायरिंग की। इससे यात्रियों में दहशत फैल गई। 

कृष्ण मोहन पटना में एक कंपनी में काम करते हैं। अपने चचेरे भाई ओमप्रकाश उपाध्याय के साथ यात्रा कर रहे थे, जो भी उसी कंपनी में काम करते हैं। दोनों ट्रेन में एस-2 बोगी की बर्थ 41 और 44 पर सो रहे थे। घटना शनिवार की रात करीब एक बजे की है, जब ट्रेन सदीसोपुर स्टेशन पर पहुंची। इसी दौरान चार-पांच हथियारबंद अपराधी बोगी में घुसे और यात्रियों का सामान छीनने लगे। कृष्ण मोहन और उनके भाई ने विरोध किया, तो अपराधियों ने कृष्ण मोहन पर गोली चला दी। 

घायल कृष्ण मोहन ने तुरंत 139 पर कॉल कर मदद मांगी। ट्रेन आरा स्टेशन पर पहुंची, तो जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने उन्हें उतारा और आरा सदर अस्पताल में प्राथमिक इलाज कराया। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पटना रेफर कर दिया, लेकिन उनके परिजन उन्हें वाराणसी ले गए। घटना के बाद बोगी में भगदड़ मच गई और यात्री दहशत में आ गए। ट्रेन में हुई लूटपाट और गोलीबारी की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Leave a Comment

और पढ़ें

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।