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वाराणसी में विश्व बैंक और एडीबी की मिशन टीम कर रही काशी के रचनात्मक विकास का मूल्यांकन

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वाराणसी: भारत सरकार की बजट घोषणा-2024 के तहत वाराणसी को रचनात्मक पुनर्विकास केंद्र के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर विश्व बैंक (WB), एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB), और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (TCPO) की संयुक्त मिशन टीम ने वाराणसी का दौरा शुरू किया। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में प्राधिकरण सभागार में बैठक हुई।

इसमें मिशन टीम, जिसमें भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अधिकारी व विशेषज्ञ शामिल रहे। उन्होंने शहर के प्रमुख विकास परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देखा। इसमें स्मार्ट सिटी, अमृत योजना, वाराणसी महायोजना-2031, और व्यापक गतिशीलता योजना (सीएमपी) जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट शामिल थे।

टीम ने वाराणसी के विकास की चुनौतियों और संभावनाओं का विश्लेषण करने के लिए शहर की प्रमुख परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी शुरू किया। नमो घाट और सारनाथ में बौद्ध सर्किट परियोजना का निरीक्षण किया गया। प्रस्तुति में वाराणसी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, वर्तमान विकास योजनाएं, और आगामी परियोजनाओं पर चर्चा की गई।

इनमें रोपवे परिवहन परियोजना, दशाश्वमेध प्लाजा, अस्सी नदी का पुनरुद्धार, और थीम आधारित टाउनशिप विकास जैसी योजनाएं शामिल हैं। मिशन टीम ने टीडीआर और पारगमन उन्मुख विकास के संभावित लाभों पर भी ध्यान केंद्रित किया।

काशी विश्वनाथ धाम का करेंगे निरिक्षण
मिशन टीम काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक फसाड इम्प्रूवमेंट, और जवाहरलाल नेहरू कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण करेगी। टीम में एडीबी के श्रीनिवास संपत और रमोला सिंगरू, विश्व बैंक के अभिजीत राय और मेघा मुकीम, और टीसीपीओ के मो. मोनिस खान समेत विशेषज्ञ शामिल थे।

स्थानीय अधिकारियों में वीडीए के उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग और नगर निगम व पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस पहल का उद्देश्य वाराणसी को एक वैश्विक विकास केंद्र बनाना है, जो निवेश और पर्यटन को आकर्षित करते हुए आधुनिक और समग्र विकास का प्रतीक बने।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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