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मीरजापुर: जिला प्रशासन द्वारा शीतलहर के दृष्टिगत गरीबों को बांटें कम्बल, रैन वसेरा और अलाव की सुविधा भी उपलब्ध

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मीरजापुर: जनपद में असहायों एवं निराश्रितों के मध्य वर्तमान शीतलहर में माननीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से तथा रात्रि भ्रमण के दौरान जिला प्रशासन एवं तहसील प्रशासन के माध्यम से अब तक कुल 3972 कंबल वितरित किये जा चुके हैं l

रैन वसेरा
जनपद स्तर पर कुल 7 स्थलों पर रैन वसेरे का संचालन किया जा रहा है | समस्त 7 स्थलों पर मौजूद रैन वसेरों में रजाई, गद्दा, मैटी, पेयजल, शौचालय, विद्युत् इत्यादि सम्बंधित मूलभूत सुविधाओं कि व्यवस्था कि गयी है | नगरपालिका मीरजापुर दारा सगरा बस स्टैंड-विन्ध्याचल (अस्थायी रैन वसेरा-25 लोगों कि क्षमता), राजकीय रोडवेज परिसर-मीरजापुर (अस्थायी रैन वसेरा-40 लोगों कि क्षमता), घंटाघर धर्मशाला (अस्थायी रैन वसेरा-20 लोगों कि क्षमता) एवं रेहड़ा चुंगी-विन्ध्याचल डूडा (स्थायी रैन वसेरा-50 लोगों कि क्षमता) पर रैन वसेरा संचालित है।

नगरपालिका अहरौरा द्वारा सामुदायिक भवन- पट्टी खुर्द (अस्थायी रैन वसेरा-10 लोगों कि क्षमता), नगरपालिका चुनार द्वारा सामुदायिक भवन-बालुघट (अस्थायी रैन वसेरा-20 लोगों कि क्षमता), नगर पंचायत कछवां द्वारा जलकल परिसर (अस्थायी रैन वसेरा-10 लोगों कि क्षमता) में रैन वसेरा संचालित है, जहां पर आने वाले लोग रुक रहे हैं एवं रैन बसेरा में प्रत्येक रुकने वाले व्यक्ती कि सूचना प्रत्येक दिवस ऑनलाइन शासन द्वारा उपलब्ध करायी गयी आपदा प्रहरी मोबाइल ऐप्लिकेशन पर अपलोड भी कि जा रही है l

अलाव
जनपद में जिला प्रशासन द्वारा नगर पालिका एवं तहसीलों के माध्यम से कुल 194 स्थलों को चिन्हित किया गया है, जहां पर अलाव जलवाया जा रहा है तथा समस्त अलाव के स्थलों की जियोटैग सूचना ऑनलाइन शासन द्वारा उपलब्ध करायी गयी आपदा प्रहरी मोबाइल ऐप्लिकेशन पर अपलोड भी कि जा रही है l

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।