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बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में कनहर परियोजना को मिली हरी झंडी

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राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के प्रधान कार्यालय मुंबई में प्रदेश की वर्तमान में सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना कनहर सिंचाई परियोजना के पुनरीक्षण लागत पर सोमवार की शाम बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में संस्तुति मिल गई।

परियोजना को अब आसानी से राज्य सरकार नाबार्ड के माध्यम से धन आवंटित कर सकती है। धन आवंटन प्रक्रियाओं पर गौर करे तो जल संसाधन विभाग द्वारा समय–समय पर निर्माण कार्यों/पुनर्वास के बाबत डिमांड राज्य सरकार को भेजेगी पुनः राज्य सरकार किस्तों में धन आवंटित करेगी और राज्य सरकार को नाबार्ड से धनराशि प्राप्त होगी।

बताना मुनासिब होगा कि वर्षो से धनाभाव में जूझ रही रही कनहर सिंचाई परियोजना के दिन अब बहुरने वाले है। शीघ्र ही निर्माण कार्यों में गति आएगी और विस्थापितों को पुनर्वास पैकेज वितरित किया जाएगा।

कनहर सिंचाई परियोजना के नोडल अधिकारी अधिशासी अभियंता विनोद कुमार सिंह ने बताया कि आज नाबार्ड से प्रोजेक्ट की धनराशि स्वीकृत हो गई है। शीघ्र ही धन आवंटित होंगे और परियोजना के शेष कार्य एवं पुनर्वास पैकेज का वितरण होगा।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।