Search
Close this search box.

वाराणसी : नगर निगम ने 76 मकानों को चिन्हित किया, चलेगा बुलडोजर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

वाराणसी। शहर में अतिजर्जर चिह्नित किए गए मकानों पर नगर निगम का बुलडोजर चलेगा। निगम प्रशासन अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर इन भवनों का ध्वस्तीकरण कराएगा। दरअसल अतिजर्जर मकान लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। दरअसल, इस बार बारिश के दौरान जर्जर मकानों के धराशायी होने की घटनाएं हो चुकी हैं। चौक इलाके में दो मकानों के गिरने से महिला की मौत हो गई थी। वहीं 10 लोग घायल हो गए। ऐसे में नगर निगम प्रशासन अलर्ट हो गया है। नगर निगम प्रशासन अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए कार्रवाई करेगा।

नगर निगम प्रशासन की ओर से अतिजर्जर मकानों को चिह्नित करने के साथ ही भवन स्वामियों को नोटिस दी गई थी। भवन स्वामियों को जल्द मकान खाली करने और इसके ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया था, ताकि भविष्य में किसी तरह की अप्रिय घटना न होने पाए, लेकिन अधिकांश भवनस्वामी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। नगर आयुक्त की ओर से मकानों को खाली कराने के लिए टीम गठित की गई है। जो भी विवादित मकान हैं, उनके लिए पुलिस की मदद ली जाएगी। संबंधित थाने इन मकानों को खाली करवाएंगे और उसके बाद नगर निगम कार्रवाई करेगा। इन भवनों को गिराने या मरम्मत का जो भी खर्च होगा, वह भी भवन स्वामी से ही वसूला जाएगा। 

Leave a Comment

और पढ़ें

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।