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सोनभद्र: वरिष्ठ पत्रकार देव कुमार के निधन पर पत्रकारिता जगत में शोक की लहर

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सोनभद्र: कोन थाना क्षेत्र के कचनरवा गांव निवासी वरिष्ठ पत्रकार देव कुमार के निधन की खबर मिलते ही क्षेत्रीय पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई। लगभग 80 वर्ष की आयु में उन्होंने सावन के प्रथम सोमवार को अपने पैतृक निवास पर अंतिम सांस ली। वे लंबे समय तक पत्रकारिता के माध्यम से समाज की निस्वार्थ सेवा करते रहे।

देव कुमार को क्षेत्र में पत्रकारिता का एक मजबूत स्तंभ माना जाता था। उन्होंने अपनी लेखनी से समाज की आवाज़ को उठाने का कार्य किया और कई सामाजिक मुद्दों को उजागर कर प्रशासनिक हलकों तक पहुँचाया। वरिष्ठ ही नहीं, युवा पत्रकार भी उन्हें मार्गदर्शक के रूप में मानते थे और उनके योगदान का सम्मान करते रहे हैं।

उनके निधन पर दुद्धी सहित पूरे क्षेत्र के पत्रकारों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। जगह-जगह पत्रकारों द्वारा श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जा रही है। पत्रकारों ने कहा कि देव कुमार जी का जाना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक युग का अंत है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।