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सोनभद्र: दबंगों से त्रस्त महिला ने ससुर और बेटे के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच सुनाई आपबीती, एडीएम और एसपी ने तत्काल दिए कार्रवाई के निर्देश

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सोनभद्र: तेन्दुहार गांव निवासी एक पीड़ित महिला पार्वती पत्नी खजांची मंगलवार को अपने ससुर और बेटे के साथ जिला मुख्यालय पहुंचीं और एडीएम रमेश चंद्र यादव तथा एसपी एके मीणा से मुलाकात कर गांव के दबंगों द्वारा लगातार उत्पीड़न की आपबीती साझा की।

जिम्मेदार अधिकारियों का तत्काल एक्शन

एडीएम रमेश चंद्र यादव ने घोरावल एसडीएम को तत्काल फोन कर मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, एसपी ए.के. मीणा ने घोरावल कोतवाल को फोन पर निर्देश दिया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

क्या है पीड़िता का आरोप

पार्वती ने शिकायत में बताया कि वह मल्लाह (केवट) समुदाय की शांतिप्रिय महिला है और उसके ससुर की ज़मीन (आराजी नंबर 481 क, रकबा 0.6960 हेक्टेयर) पर दबंगों की नजर और ज़ुल्म लगातार जारी है। 18 जुलाई की सुबह, गांव के दबंग पप्पू तिवारी, चंद्रबहादुर, कमलेश, सुभाष, रमेश व कयर ने एकजुट होकर उसके घर में घुसकर हमला किया।

रमेश ने छेड़खानी की, जबकि सुभाष ने फावड़े से हमला किया, जिसमें पार्वती का हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया। सभी आरोपियों ने महिला और उसके परिजनों को बेरहमी से पीटा और उंभा जैसी घटना को अंजाम देने की धमकी दी, यानी पूरे परिवार को गोली मारकर हत्या करने की चेतावनी दी गई।

पुलिस पर भी गंभीर आरोप

महिला का आरोप है कि जब वह पति खजांची के साथ थाने शिकायत दर्ज कराने गईं तो पप्पू तिवारी की मिलीभगत से पुलिस ने उल्टा उसके पति को ही हिरासत में ले लिया। दबंगों द्वारा बरसात का पानी उसकी जमीन में भरकर अपनी फसल की सिंचाई की जा रही है, जिससे खेती बाधित हो गई है।

यहां तक कि पानी भराव से मगरमच्छों का भी खतरा बना हुआ है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़िता की मांग

पीड़िता ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसे और उसके परिवार को जानमाल की सुरक्षा दी जाए, दबंगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और जमीन पर उसका कब्जा सुरक्षित किया जाए।

प्रशासन का रुख

अब जब मामला एडीएम और एसपी के संज्ञान में आ गया है और फोन से कार्रवाई के निर्देश जारी हो चुके हैं, देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन कब और कितना प्रभावी कदम उठाता है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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