सोनभद्र। सेवा संकल्प टीम के सामाजिक कार्यकर्ता राकेश केशरी की शिकायत पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हरकत में आ गया। मामले को संज्ञान में लेते हुए क्षेत्रीय अधिकारी जे.एन. तिवारी ने बुधवार की शाम ओबरा में कूड़ा फेंके जाने वाले स्थान का स्थलीय निरीक्षण किया।
राकेश केशरी ने अपने पत्र में आरोप लगाया था कि ओबरा नगर पंचायत द्वारा शहर का समस्त कूड़ा ट्रॉली के माध्यम से ओबरा तापीय परियोजना की भूमि (सेक्टर-9 मार्ग किनारे) पर डाला जा रहा है। इसमें प्लास्टिक कचरा व मृत पशु तक शामिल हैं। यह स्थान आवासीय क्षेत्र और विद्यालयों के पास होने से लोगों को दुर्गंध और प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी जे.एन. तिवारी के साथ नगर पंचायत ओबरा के कर्मचारी लिपिक सुधांशु मिश्रा, कार्यालय सहायक राजेश यादव, संतलाल, तथा ओबरा परियोजना के अधिशासी अभियंता सदानंद यादव, रविन्द्र कुमार और अतुल जी मौजूद रहे।
निरीक्षण में कचरे के ढेर, जले हुए प्लास्टिक और बदबूदार वातावरण देखकर अधिकारी ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया और नगर पंचायत को तुरंत सफाई कराने, ब्लिचिंग पाउडर डालने और विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
सूत्रों के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश केशरी ने कहा, “यह ओबरा नगर पंचायत द्वारा स्वच्छ भारत मिशन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की खुली अवहेलना है। उम्मीद है कि अब इस पर कठोर कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में इस तरह का प्रदूषण न फैले।”
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर पंचायत ओबरा को कूड़ा निस्तारण के लिए निर्धारित स्थल आवंटित किया जाए, ओपन डंपिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए तथा उस स्थल पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाए।









