सोनभद्र: म्योरपुर ब्लॉक के खैराही गांव में आकाशीय बिजली गिरने से घायल हुई 9 मनरेगा महिला मजदूरों का हालचाल जानने गुरुवार को ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (एआईपीएफ) का प्रतिनिधिमंडल म्योरपुर अस्पताल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने इस घटना को गंभीर बताते हुए सरकार से तत्काल तड़ित चालक यंत्र (लाइटनिंग अरेस्टर) लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
घायल महिलाओं से की मुलाकात
एआईपीएफ के जिला संयोजक कृपाशंकर पनिका और युवा मंच की संयोजक सविता गोंड ने अस्पताल में भर्ती घायल लीलावती, प्रमिला और लीला से मुलाकात की। महिलाओं ने बताया कि घटना के तुरंत बाद ग्राम प्रधान ने कई बार 108 नंबर पर कॉल किया, लेकिन सरकारी एंबुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरी में निजी वाहन से उन्हें म्योरपुर अस्पताल लाया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी स्वास्थ्य सेवा, विशेषकर 108 एंबुलेंस सेवा की बदहाली पर कड़ी नाराज़गी जताई। नेताओं ने कहा कि despite सरकार के तमाम दावों के, ग्रामीण क्षेत्रों में 108 एंबुलेंस सेवा प्रभावी रूप से काम नहीं कर रही है।
दुद्धी क्षेत्र में लगातार होती हैं घटनाएं
एआईपीएफ नेताओं ने बताया कि दुद्धी तहसील में हर वर्ष आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की जान जाती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उन्होंने याद दिलाया कि अखिलेश सरकार के कार्यकाल में तड़ित चालक यंत्र लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन आज तक यह योजना अधूरी पड़ी है।
सरकार से की ये मांगे
- दुद्धी और आस-पास के क्षेत्रों में युद्धस्तर पर तड़ित चालक यंत्र लगाए जाएं।
- 108 एंबुलेंस सेवा को दुरुस्त किया जाए और जवाबदेही तय हो।
- मनरेगा कार्यस्थलों पर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा और आकाशीय बिजली से सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।










