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गाजीपुर: मिशन शक्ति के तहत विभिन्न स्थानों पर जागरूकता अभियान संचालित

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गाजीपुर: जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के निर्देशन में जनपद गाजीपुर में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान (फेज 5.0) के तहत व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कई थाना क्षेत्रों में चला जागरूकता कार्यक्रम

अभियान के अंतर्गत थाना मरदह, बरेसर, जंगीपुर, खानपुर, बहरियाबाद, नंदगंज रेलवे स्टेशन, सलारपुर चट्टी (थाना भांवरकोल), थाना सादात, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महुआबाग (थाना कोतवाली), तथा जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में मिशन शक्ति टीमों ने जागरूकता गतिविधियाँ संचालित कीं।

इन अभियानों में कस्बों, बाज़ारों, स्कूल-कॉलेजों, सार्वजनिक स्थानों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा-संबंधी जानकारी दी गई।

महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबर बताये गए

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चियों को निम्न महत्त्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई—

  • 1090 – वूमेन पावर लाइन
  • 1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
  • 181 – महिला हेल्पलाइन
  • 101 – अग्निशमन सेवा
  • 112 – पुलिस इमरजेंसी सेवा
  • 102/108 – एंबुलेंस सेवा
  • 1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
  • 1930 – साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन

इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, ओटीपी धोखाधड़ी, मीडिया/एसएमएस लिंक और ऑनलाइन प्राइवेसी से जुड़े जरूरी दिशा-निर्देश साझा किए गए।

टीमों ने महिलाओं को नए लागू कानून बीएनएस (Bharatiya Nyaya Sanhita), बीएनएसएस (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita) से जुड़े नियमों की जानकारी भी उपलब्ध कराई।

मिशन शक्ति केंद्र और सरकारी योजनाओं की जानकारी

स्थानीय थानों पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों की भूमिका और सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। साथ ही महिला-केंद्रित योजनाओं जैसे निराश्रित महिला पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, आयुष्मान भारत, महिला शक्ति केंद्र योजना आदि के बारे में पंपलेट एवं जनसंपर्क के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई गई।

ब्यूरोचीफ: संजय यादव

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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