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बाबरी विध्वंस के मुख्य आरोपी संतोष दुबे ने कार सेवकों के साथ किया राम मंदिर का दर्शन

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अयोध्या: बाबरी विधानसभा के मुख्य आरोपी संतोष दुबे ने सैकड़ो कर सेवकों के साथ राम मंदिर का दर्शन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 40 वर्ष की साधना सफल हुई, अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए बलिदान हो गए लाखों कर सेवकों की आत्माएं निश्चित रूप से आज प्रसन्न होंगी। राम मंदिर निर्माण की साधना अब पूर्ण हुई है, इसलिए अब अगला संकल्प जो पूर्ण करना है वह कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ का है इसके लिए जल्दी ही अभियान प्रारंभ किया जाएगा।

दुबे ने कहा कि तो कृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने हेतु 5 लाख की टीम बनाई जाएगी। हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है जिस प्रकार उन्होंने राम जन्म भूमि में अपना ऐतिहासिक निर्णय दिया हम आशा करते हैं कि इस तरह कृष्ण जन्म भूमि पर भी न्यायालय अपना ऐतिहासिक निर्णय प्रदान करेगा।

इस अवसर पर कार सेवक राधा रमण त्रिपाठी, रविशंकर पांडेय, मनीष पांडेय, विनोद पांडेय, प्रज्ञा श्रीवास्तव, अनु शर्मा अंकुर शर्मा विपल्व द्विवेदी रवि शंकर पांडे दिग्विजय नाथ चौबे ए विजय तिवारी अमरेश प्रताप सिंह ,वशिष्ठ गोयल ,संजय प्रधान कन्हैयालाल सुनीता श्रीवास्तव, अजय गुप्ता वेद राम प्रकाश पांडेय, बृजेश दुबे, चंद्र पांडे राजेंद्र पांडे लखनदार त्रिपाठी, प्रयाग दत्त तिवारी सूर्यनारायण दुबे, एस एन सिंह, नीरज पाठक, डॉक्टर एस आर शर्मा एडवोकेट प्रदीप पांडेय, सहित सैकड़ो की संख्या में कर सेवक उपस्थित रहे.

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।