Search
Close this search box.

बलिया: लेखपाल व पुलिस भर्ती को लेकर गोंड जनजाति प्रमाण-पत्र की मांग, डीएम कार्यालय पर धरना शुरू

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

बलिया। उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती में अनुसूचित जनजाति के लिए 160 सीटें तथा पुलिस भर्ती में 647 सीटें आरक्षित हैं। इन आरक्षित पदों पर आवेदन के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र अनिवार्य है। भारत के राष्ट्रपति राजपत्र संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश संशोधन अधिनियम-2002 के तहत बलिया जनपद में गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है। इसके बावजूद गोंड समुदाय के छात्र-युवाओं को प्रमाण-पत्र जारी न होने से भर्ती आवेदन में कठिनाई आ रही है।

इसी मांग को लेकर 21 जनवरी 2026 को गोंड छात्र-छात्राओं व युवाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी श्री मंगला प्रसाद सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और अभ्यर्थियों से संवाद किया। गोंड समुदाय के युवाओं ने बताया कि तहसील में ऑफलाइन आवेदन जमा होने के बावजूद ऑनलाइन आवेदन बार-बार अस्वीकृत किए जा रहे हैं, जबकि उनके दादा, पिता, भाई-बहन के नाम से पूर्व में अनुसूचित जनजाति (गोंड) प्रमाण-पत्र जारी हो चुके हैं। साथ ही 1356 व 1359 फसली के राजस्व अभिलेखों में भी गोंड जाति दर्ज है।

इस पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि जिन आवेदकों के परिवार में पूर्व से गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र जारी है, उसके आधार पर प्रमाण-पत्र निर्गत किया जाएगा। डीएम ने संबंधित आवेदनों की सूची भी एकत्र कराई।

पुलिस व लेखपाल भर्ती के अभ्यर्थी दिशु कुमार गोंड व निधि कुमारी ने कहा कि यदि समय रहते प्रमाण-पत्र जारी नहीं हुआ तो वे आवेदन से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि 22 जनवरी 2026 से कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यालय अवधि के दौरान अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। यदि इसके बाद भी प्रमाण-पत्र जारी नहीं हुए तो आमरण अनशन/भूख-हड़ताल के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी जिला व तहसील प्रशासन की होगी।

प्रदर्शन में प्रमुख रूप से दीशु गोंड, अंजेश गोंड, बिट्टू गोंड, सुमन गोंड, सतीश गोंड, सोनू कुमार, विशाल गोंड, गोलू गोंड, निलेश कुमार, मुकेश गोंड, राहुल गोंड, शिवम गोंड, कपिल कुमार, अंशु कुमारी, मनीष कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

संजय सिंह- रिपोर्टर, बलिया

Leave a Comment

और पढ़ें