बलिया: सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के महथापार ग्राम पंचायत की प्रधान संगीता देवी पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर प्रधान पद का चुनाव लड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने संगीता देवी और उनके पति बबलू गोड़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
थाना प्रभारी प्रवीण सिंह ने बताया कि गांव निवासी पंचानंद सिंह ने कोर्ट में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि वर्ष 2020-21 में अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित ग्राम पंचायत महथापार के प्रधान पद पर संगीता देवी ने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा और विजयी रहीं।
पंचानंद सिंह ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत तहसीलदार कार्यालय, सिकंदरपुर से जानकारी मांगी थी, जिसके जवाब में यह स्पष्ट किया गया कि उक्त तिथि पर संगीता देवी के नाम से कोई जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हुआ था।
इसके अलावा, जिला जाति सत्यापन समिति (कास्ट स्क्रूटनी कमेटी) ने 1 सितंबर 2023 को जारी अपने आदेश में संगीता देवी का जाति प्रमाण पत्र फर्जी करार दिया और इस आधार पर प्राप्त सभी लाभों को अवैध बताया।










