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बलिया: बसंत पंचमी व नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर बलिया में संगोष्ठी, विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्ताव पारित

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बलिया। अखिल भारतीय विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ, कबीरम समाज-बलिया एवं जनता जनार्दन मंच-बलिया के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के अवसर पर श्रीराम लक्ष्मण जानकी आश्रम (प्राचीन ठाकुर जी का मठिया), टकरसन स्थित माई छोटा स्कूल के पास नई बस्ती में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार डॉ. फतेह चंद ‘बेचैन’ ने की, जबकि सिविल कोर्ट बलिया के वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीरामजी ठाकुर मुख्य अतिथि रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मोनिया म्यूजिकल एकेडमी के डायरेक्टर जाकिर हुसैन द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। कामरेड तेजनारायण जी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तित्व और कृतित्व से सीख लेनी चाहिए। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. फतेह चंद ‘बेचैन’ ने सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कविता प्रस्तुत करते हुए कौमी एकता और भाईचारे का संदेश दिया। मुख्य अतिथि श्रीरामजी ठाकुर ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।

इस अवसर पर शासन-प्रशासन से संबंधित विभिन्न प्रपत्रों व दस्तावेजों का लोकार्पण किया गया। साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों के हितों से जुड़ी कई मांगों और सुझावों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने बलिया बलिदान दिवस 19 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, नई शिक्षा नीति 2020 को रद्द करने, शिक्षा बजट बढ़ाने, संविदा व तदर्थ कर्मियों के स्थायीकरण, छात्र संघ बहाली, आपदा प्रबंधन नीति को मजबूत करने सहित अनेक मांगों को लेकर शासन से ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में समाजसेवी, छात्र नेता, अधिवक्ता एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम संयोजक प्रोफेसर संतोष प्रसाद गुप्त ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

सत्यवीर ओझा की रिपोर्ट, बलिया

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