बलिया। जिले के प्रख्यात विद्वान, भारतीय दर्शन के विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय वक्ता डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को पंजाब कला साहित्य अकादमी, जालंधर के सर्वोच्च अकादमी सम्मान के लिए चयनित किया गया है। साहित्य, दर्शन और भारतीय ज्ञान–परंपरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में उनके योगदान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
अकादमी का 29वां वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह 7 दिसंबर 2025 को जालंधर प्रेस क्लब में आयोजित किया गया, जहां देश–विदेश की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति में डॉ. उपाध्याय को यह सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान अकादमी का सबसे बड़ा साहित्यिक–सांस्कृतिक सम्मान माना जाता है।
डॉ. उपाध्याय अब तक 20 से अधिक मौलिक ग्रंथ लिख चुके हैं और भारतीय दर्शन के विभिन्न आयामों पर उनके शोध को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहना मिलती रही है।
सम्मान की घोषणा के बाद जनपद बलिया में साहित्यकारों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी ने इसे बलिया की बौद्धिक परंपरा का गौरव बताते हुए सोशल मीडिया और संदेशों के माध्यम से शुभकामनाएं दीं।
पंजाब कला साहित्य अकादमी चार दशक से अधिक समय से साहित्य, कला, संस्कृति, दर्शन, संगीत, पत्रकारिता और समाजसेवा जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करती रही है। डॉ. उपाध्याय को मिला यह सम्मान बलिया सहित पूर्वांचल के लिए भी गर्व का विषय बन गया है।
ब्यूरोचीफ – अवधेश यादव









