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श्रीराम कथा से मिले आदर्शों को अपनाकर बनें जागरूक मतदाता: प्रो. संतोष प्रसाद गुप्त

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बलिया। श्रीराम कथा हमें एक आदर्श राजा, बेहतर समाज और रामराज्य की परिकल्पना का संदेश देती है, जहाँ लोक कल्याण, न्याय, धर्म और कर्तव्य को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर श्री मुरली मनोहर टाउन पी.जी. कॉलेज, बलिया के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष प्रसाद गुप्त ने कहा कि श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर एक अच्छा और जिम्मेदार मतदाता बना जा सकता है।

उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम ने सदैव प्रजा के हित को सर्वोपरि रखा, इसलिए मतदाता को भी जाति, वर्ग या किसी भी प्रकार के प्रलोभन से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में मतदान करना चाहिए। जिस प्रकार श्रीराम ने अपनी प्रजा की रक्षा और सुख के लिए जीवन समर्पित किया, उसी तरह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह जागरूक होकर मतदान करे।

प्रो. गुप्त ने कहा कि श्रीराम ने हमेशा सत्य, धर्म और कर्तव्य का पालन किया। मतदाता को भी विवेक का प्रयोग करते हुए योग्य, ईमानदार और चरित्रवान उम्मीदवार का चयन करना चाहिए। रामचरितमानस में राजा को प्रजा के दुख दूर करने वाला बताया गया है, लेकिन राजा चुनने की जिम्मेदारी प्रजा की होती है, इसलिए मतदान केवल अधिकार नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा राजधर्म है।

उन्होंने यह भी कहा कि श्रीराम के लिए अयोध्या और प्रजा का हित व्यक्तिगत सुख से बड़ा था। इसी प्रकार मतदाता को वोट देते समय व्यक्तिगत पसंद की बजाय देश और समाज के हित को प्राथमिकता देनी चाहिए। चुनाव के दौरान मिलने वाले उपहारों या झूठे वादों के प्रलोभन में न आने की अपील भी उन्होंने की।

प्रो. संतोष प्रसाद गुप्त ने बताया कि भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदान के प्रति घटते रुझान को देखते हुए राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में की गई थी। भारत इस वर्ष 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मना रहा है, जिसकी थीम “मेरा भारत, मेरा वोट” है। यह थीम बताती है कि हर नागरिक का वोट बेहद महत्वपूर्ण है और सभी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह दिन हर भारतीय के लिए गौरव का विषय है।

रिपोर्टर- सत्यवीर कुमार ओझा

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