बेंगलुरु: दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों में रोज़ाना लगने वाला ट्रैफिक जाम यह साफ बता देता है कि शहरों की सड़कें अब अपनी सीमा पर पहुंच चुकी हैं। ऐसे में सवाल सिर्फ जाम का नहीं, बल्कि उसके समाधान का है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एयरोस्पेस स्टार्टअप सरला एविएशन ने अपने पहले एयर टैक्सी प्रोग्राम की ग्राउंड टेस्टिंग शुरू कर दी है।
अब तक आसमान में उड़ना सिर्फ विमानों और बड़े एयरपोर्ट्स तक सीमित था, लेकिन अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो आने वाले कुछ वर्षों में आम लोग भी हवा में उड़कर ऑफिस जा सकेंगे। बेंगलुरु स्थित कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में शुरू हुआ यह परीक्षण न केवल सरला एविएशन के लिए बल्कि भारत के निजी एयरोस्पेस सेक्टर के लिए भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2028 तक लोकल कम्यूट के लिए इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी लॉन्च करना है। इसके साथ ही भारत में शहरी परिवहन की परिभाषा पूरी तरह बदल सकती है।
ग्राउंड टेस्टिंग की शुरुआत के साथ ही यह प्रोजेक्ट अब अपने कोर वैलिडेशन फेज में प्रवेश कर चुका है। कंपनी के अनुसार, यह चरण डिजिटल डिजाइन और लैब स्तर के प्रयोगों से आगे बढ़कर वास्तविक एयरक्राफ्ट-स्केल टेस्टिंग का है। इसी चरण में किसी भी विमान की इंजीनियरिंग क्षमता, सेफ्टी और सिस्टम की परिपक्वता की असली परीक्षा होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह परियोजना सफल होती है तो आने वाले समय में भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जहां अर्बन एयर मोबिलिटी एक हकीकत बन जाएगी।










