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भदोही: अंतरराष्ट्रीय धावक व पूर्व डिप्टी कमांडेंट मुरलीधर बिंद का निधन, खेल जगत में शोक

भदोही। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाने वाले धावक तथा देश के सबसे छोटे कद के डिप्टी कमांडेंट रहे मुरलीधर बिंद का निधन अत्यंत दुखद खबर लेकर आया है। उन्होंने आज सुबह लगभग 4 बजे ए.एन. सिंह अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से खेल जगत सहित पूरे देश में शोक की लहर है।

40 पदकों से देश का मान बढ़ाया

मुरलीधर बिंद ने अपने शानदार करियर में 20 स्वर्ण, 11 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 40 पदक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीते। लगातार 17 वर्षों तक वे खेल जगत में सक्रिय रहे और अपनी अद्वितीय प्रतिभा से भारत का नाम रोशन किया।

भारत को पुरुष ओपन मैराथन में पहला अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाने वाले धावक

वे विश्व स्तर पर पुरुष ओपन मैराथन में भारत को पहला पदक दिलाने वाले एथलीट थे। सिर्फ 18 वर्ष 6 महीने की आयु में उन्होंने 42.195 किमी की मैराथन मात्र 2 घंटे 18 मिनट में पूरी कर नया इतिहास रचा। यह समय 1952 एशियन गेम्स के 2 घंटे 21 मिनट 3 सेकंड के रिकॉर्ड से बेहतर था। चिकित्सा विज्ञान की उस थ्योरी को भी उन्होंने गलत साबित किया, जिसमें 22 वर्ष से कम उम्र में मैराथन न दौड़ने की सलाह दी जाती है।

अद्भुत फिटनेस, 5 फीट कद के पहले कमांडो

सिर्फ 5 फीट कद होने के बावजूद मुरलीधर बिंद ने कमांडो क्वालिफिकेशन हासिल किया और भारत के पहले ऐसे व्यक्ति बने जिन्होंने इतनी ऊँची शारीरिक मानकों की परीक्षा छोटे कद के बावजूद पास की। सेना सेवा के दौरान उन्होंने कई कठिन परिस्थितियों में अपने अदम्य साहस का परिचय दिया।

भदोही का गौरव

मुरलीधर बिंद मूल रूप से उ.प्र. के भदोही जिले की ज्ञानपुर विधानसभा, गोपीगंज तहसील के मदनपुर गाँव के निवासी थे। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना और देश का परचम लहराया।

श्रद्धांजलि

उनका जाना खेल जगत, सुरक्षा बलों और पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। दिवंगत आत्मा को शांति और परिवार को इस कठिन समय में धैर्य मिले।

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