बिहार सरकार ने भीख मांगने वाले लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक नई और सराहनीय योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राज्य के 10 जिलों में चयनित भीख मांगने वाले लोगों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
सरकार का उद्देश्य इन लोगों को भीख मांगने की मजबूरी से बाहर निकालकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानजनक जीवन जी सकें। इस सहायता राशि का उपयोग लाभार्थी छोटे व्यवसाय, रोजगार या अन्य आय-सृजन के साधनों के लिए कर सकेंगे।
फिलहाल यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 10 जिलों में लागू की गई है। योजना के सफल होने पर इसे पूरे राज्य में लागू करने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि इस पहल से सामाजिक बदलाव आएगा और जरूरतमंद लोगों को स्थायी आजीविका का अवसर मिलेगा।









