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बिजनौर: बहू से अवैध संबंध का राज खुलने पर पिता ने बेटे की फावड़े से कि हत्या

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बिजनौर। जिले के तिसोतरा गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है, जहां पिता सुभाष तोमर ने अपने बेटे सौरभ की फावड़े से हत्या कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने यह हत्या बेटे और अपनी बहू के बीच चल रहे अवैध संबंधों का भेद खुलने के बाद की।

गुलदार हमले का झूठा नाटक रचा

हत्या के बाद आरोपी पिता ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया और घटना को गुलदार के हमले में हुई मौत बताने की कोशिश की। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल के साक्ष्यों ने इस दावे की पोल खोल दी।

आरोपी पिता गिरफ्तार, हथियार बरामद

पुलिस ने आरोपी सुभाष तोमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच के दौरान हत्या में इस्तेमाल फावड़ा और एक तमंचा भी बरामद कर लिया गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने किया खुलासा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिले गहरे घाव और हथियार के निशानों से स्पष्ट हो गया कि सौरभ की मौत जंगली हमले से नहीं, बल्कि धारदार हथियार के प्रहार से हुई है। इसी के बाद मामले की असलियत सामने आई और पिता पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।