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सोनभद्र: वीर बालक दिवस पर गूंजा साहिबजादों का शौर्य, बच्चों ने सीखा साहस और संस्कार का पाठ

सोनभद्र। ओबरा स्थित शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में वीर बालक दिवस के अवसर पर विविध सांस्कृतिक एवं शैक्षिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों के अद्भुत बलिदान को स्मरण करते हुए विद्यार्थियों को साहस, सत्य और स्वाभिमान का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रवक्ता प्रमोद चौबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब हम ‘वीर’ शब्द सुनते हैं तो हमारे मन में किसी शक्तिशाली योद्धा की छवि उभरती है, लेकिन लगभग 300 वर्ष पूर्व सरहिंद की धरती ने यह सिद्ध कर दिया कि वीरता उम्र या शारीरिक बल की मोहताज नहीं होती। उन्होंने बताया कि मुगल शासक वज़ीर खान ने गुरु गोविंद सिंह जी के मात्र 7 और 9 वर्ष के साहिबजादों को धर्म परिवर्तन के लिए लालच और भय दिखाया, लेकिन उन्होंने अपने धर्म और आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया।

श्री चौबे ने कहा कि साहिबजादों की अडिग आस्था से क्रोधित होकर उन्हें जीवित दीवार में चुनवा दिया गया, किंतु मृत्यु के क्षणों में भी उनके चेहरे पर भय नहीं बल्कि ईश्वर में अटूट विश्वास और आत्मबल की झलक थी। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि आज भले ही युद्ध के मैदान न हों, लेकिन सत्य, न्याय और संस्कारों की रक्षा का संघर्ष आज भी उतना ही आवश्यक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य मुकुंद सिंह गौर ने की तथा धन्यवाद ज्ञापन विजय भान द्वारा किया गया। इस अवसर पर शिक्षक सी. लाल, श्वेता द्विवेदी, विजय कुमार दुबे एवं श्याम जी पाठक उपस्थित रहे।

प्रतियोगिताओं के परिणाम

निबंध प्रतियोगिता:

  • प्रथम – प्रिया शर्मा
  • द्वितीय – अनम
  • तृतीय – पूजा प्रजापति

भाषण प्रतियोगिता:

  • प्रथम – श्रद्धा
  • द्वितीय – इल्मा
  • तृतीय – तन्वी

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के भीतर देशभक्ति, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति गहरी चेतना का संचार किया। उपस्थित शिक्षकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मबल और राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत होती है।

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